जुलाई के दूसरे हफ्ते राज्यवार बारिश 99 प्रतिशत तक कम, लेकिन अगले 5 दिन अधिकतर राज्यों में वर्षा का अनुमान
जुलाई के दूसरे सप्ताह में देश के अधिकांश राज्यों में मानसून कमजोर पड़ गया और कई राज्यों में बारिश सामान्य से 99 प्रतिशत तक कम रही। हालांकि भारतीय मौसम विभाग ने अगले चार-पांच दिनों में देश के अधिकांश हिस्सों में व्यापक वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया है, जिससे बारिश की कमी कुछ हद तक कम होने की संभावना है।
मानसून के डेढ़ महीने से ज्यादा बीत चुके हैं, लेकिन देश के आधे से ज्यादा राज्यों में बारिश सामान्य से बहुत कम हुई है। डेढ़ माह में यह कमी 69 प्रतिशत तक पहुंच गई है। बारिश के लिहाज से 9 जुलाई से 15 जुलाई की अवधि तो विशेष रूप से चिंताजनक रही जब यह कमी 99 प्रतिशत तक पहुंच गई। हालांकि अगले चार-पांच दिन अधिकतर राज्यों में बारिश का अनुमान है, जिससे यह अंतर कम होने की संभावना है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले एक सप्ताह (9 जुलाई से 15 जुलाई तक) की स्थिति देखें तो हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार और सिक्किम में सामान्य तथा उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और मिजोरम में सामान्य से अधिक वर्षा हुई है। बाकी सभी राज्यों को इस दौरान 67 प्रतिशत से लेकर 99 प्रतिशत तक कम बारिश का सामना करना पड़ा है।

चित्र परिचयः 9 जुलाई से 15 जुलाई तक बारिश की स्थिति। नीला रंग सामान्य से अधिक, हरा रंग सामान्य, लाल रंग कम और पीला रंग अत्यधिक कम बारिश को दर्शाता है।
9 जुलाई से 15 जुलाई के दौरान जम्मू-कश्मीर में सामान्य से 67 प्रतिशत, मध्य प्रदेश में 73 प्रतिशत, राजस्थान में 76 प्रतिशत, महाराष्ट्र में 78 प्रतिशत, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और मणिपुर में 79 प्रतिशत, आंध्र प्रदेश में 92 प्रतिशत, तेलंगाना में 94 प्रतिशत और गुजरात में सामान्य से 99 प्रतिशत बारिश हुई है। गुजरात में इस अवधि में 54.4 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, जबकि सिर्फ 0.6 मिमी बारिश हुई है।
डेढ़ माह में चुनिंदा राज्यों में ही सामान्य बारिश
बीते डेढ़ माह, यानी 1 जून से 17 जुलाई तक उत्तरी राज्यों में पंजाब में सामान्य से 39 प्रतिशत, पश्चिमी राज्यों में गुजरात में सामान्य से 32 प्रतिशत, दक्षिण में केरल में सामान्य से 34 प्रतिशत और पूर्व में बिहार में सामान्य से 47 प्रतिशत कम बारिश हुई है। उत्तर-पूर्वी राज्य मणिपुर में तो यह कमी 69 प्रतिशत और अरुणाचल प्रदेश में 51 प्रतिशत तक पहुंच गई है। जिन राज्यों में सामान्य बारिश हुई है, उनमें हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु, त्रिपुरा और मिजोरम शामिल हैं।

चित्र परिचयः 1 जून से 18 जुलाई तक बारिश की स्थिति। नीला रंग सामान्य से अधिक, हरा रंग सामान्य, लाल रंग कम और पीला रंग अत्यधिक कम बारिश को दर्शाता है।
अगर चार दिन ज्यादातर राज्यों में बारिश का अनुमान
मानसून विभाग ने शनिवार दोपहर बारिश का जो पूर्वानुमान जारी किया, उसके मुताबिक अधिकतर राज्यों में अगले चार-पांच दिनों में बारिश होगी। हालांकि कहीं यह बारिश छिटपुट तो कही अत्यधिक होने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 24 जुलाई तक व्यापक वर्षा होगी। इन राज्यों में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने का अनुमान है। आईएमडी ने 20-21 जुलाई को जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश तथा 19-20 जुलाई को उत्तराखंड में अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी दी है। इससे पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।
पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 18-19 जुलाई को छिटपुट बारिश के बाद 20 से 23 जुलाई के बीच व्यापक वर्षा होने की संभावना है। इन राज्यों में 19 से 23 जुलाई के दौरान भारी वर्षा का भी अनुमान है।
उत्तर प्रदेश में 18 से 24 जुलाई तक अधिकांश हिस्सों में वर्षा होगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 18 से 20 जुलाई के दौरान भारी से बहुत भारी वर्षा तथा पूरे राज्य में 24 जुलाई तक भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
राजस्थान के पश्चिमी जिलों में 18 से 24 जुलाई तथा पूर्वी राजस्थान में 23 जुलाई तक वर्षा होने का अनुमान है। पश्चिमी राजस्थान में 22 से 24 जुलाई और पूर्वी राजस्थान में 20 से 24 जुलाई के दौरान भारी वर्षा हो सकती है।
मध्य भारत
मध्य भारत में भी मानसून सक्रिय रहेगा। छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में 18 से 24 जुलाई तक व्यापक वर्षा होने की संभावना है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में 21 जुलाई के बाद बारिश की तीव्रता बढ़ेगी। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 20 से 24 जुलाई के दौरान भारी वर्षा, पूर्वी मध्य प्रदेश में 18-19 जुलाई तथा 23-24 जुलाई को भारी बारिश होने की संभावना है। छत्तीसगढ़ में 20 से 23 जुलाई के दौरान भारी वर्षा तथा 18-19 जुलाई को बहुत भारी वर्षा का अनुमान है।

18 जुलाई को विभिन्न राज्यों के ऊपर बादलों की स्थिति।
पश्चिम भारत
पश्चिमी तट पर मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। कोंकण एवं गोवा में 18 से 24 जुलाई तक व्यापक वर्षा होगी। यहां 18 जुलाई तथा 21 से 23 जुलाई के दौरान भारी वर्षा होने की संभावना है। गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, सौराष्ट्र एवं कच्छ में सप्ताह भर छिटपुट बारिश होगी, जबकि मराठवाड़ा में 19 जुलाई से वर्षा की गतिविधियां बढ़ेंगी। गुजरात में 18 जुलाई तथा मध्य महाराष्ट्र में 18 और 21 से 23 जुलाई के दौरान भारी वर्षा होने की संभावना है।
पूर्वी-उत्तर पूर्वी भारत
पूर्वी भारत में मानसून काफी सक्रिय रहने की संभावना है। झारखंड में 23 जुलाई तक व्यापक वर्षा होगी। बिहार में 18 से 21 जुलाई तक व्यापक वर्षा और इसके बाद 24 जुलाई तक छिटपुट बारिश होने का अनुमान है। बिहार में 21 से 24 जुलाई के दौरान भारी वर्षा तथा 18 से 20 जुलाई के बीच बहुत भारी वर्षा की संभावना है। ओडिशा में 18-19 जुलाई को व्यापक वर्षा और इसके बाद छिटपुट बारिश होगी। राज्य में 18 से 20 जुलाई के दौरान भारी वर्षा का अनुमान है।
पश्चिम बंगाल के गंगीय तथा उप-हिमालयी इलाकों एवं सिक्किम में पूरे सप्ताह व्यापक वर्षा होने की संभावना है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 18 और 19 जुलाई को अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में रुक-रुक कर वर्षा तथा कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
दक्षिण भारत
दक्षिण भारत में भी मानसून सक्रिय रहने के आसार हैं। तटीय कर्नाटक में पूरे सप्ताह व्यापक वर्षा होगी, जबकि केरल और लक्षद्वीप में 18 से 21 जुलाई तक व्यापक वर्षा तथा उसके बाद हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी। तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, रायलसीमा और तमिलनाडु में रुक-रुक कर वर्षा होने की संभावना है। केरल में 18 से 20 जुलाई, तटीय कर्नाटक में 18-19 जुलाई तथा आंतरिक कर्नाटक में 18 जुलाई को भारी वर्षा का अनुमान है। कर्नाटक और तेलंगाना में तेज सतही हवाएं भी चल सकती हैं।

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