FAO Outlook: 2026 में वैश्विक गेहूं उत्पादन लगभग 3% घटने का अंदेशा, लेकिन रिकॉर्ड स्तर पर बना रहेगा कुल अनाज उत्पादन

FAO Outlook: कम कीमतों और बुवाई में कमी के कारण 2026 में वैश्विक गेहूं उत्पादन (wheat production) लगभग 3 प्रतिशत घटकर 81 करोड़ टन रहने का अनुमान है। हालांकि यह पांच वर्षीय औसत से ऊपर रहेगा। वहीं मक्का और चावल के बेहतर उत्पादन के चलते वैश्विक अनाज उत्पादन (cereal production) रिकॉर्ड स्तर पर बने रहने की संभावना है।

FAO Outlook: 2026 में वैश्विक गेहूं उत्पादन लगभग 3% घटने का अंदेशा, लेकिन रिकॉर्ड स्तर पर बना रहेगा कुल अनाज उत्पादन

वर्ष 2026 में वैश्विक गेहूं उत्पादन में गिरावट आने की आशंका है, हालांकि कुल अनाज उत्पादन ऐतिहासिक रूप से ऊंचे स्तर पर बना रहेगा। अनुमान है कि 2026 में वैश्विक गेहूं उत्पादन (wheat production) लगभग 3 प्रतिशत घटकर करीब 81 करोड़ टन रह जाएगा। इसका मुख्य कारण गेहूं की अपेक्षाकृत कम कीमतों के चलते बुवाई में कमी और पिछले वर्ष के उच्च स्तर के बाद पैदावार के औसत स्तर पर लौटना है। इसके बावजूद वैश्विक गेहूं उत्पादन पांच वर्षीय औसत से ऊपर बना रहेगा। संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) ने अपनी नवीनतम रिपोर्ट में यह जानकारी दी है।

हालांकि एफएओ ने वर्ष 2025 के लिए वैश्विक अनाज उत्पादन (cereal production) के अनुमान को थोड़ा बढ़ाकर रिकॉर्ड 302.9 करोड़ टन कर दिया है। यह संशोधन मुख्य रूप से मक्का और चावल उत्पादन के बेहतर अनुमानों के कारण किया गया है। इन फसलों के मजबूत प्रदर्शन से गेहूं उत्पादन में गिरावट के बावजूद वैश्विक अनाज आपूर्ति पर्याप्त बनी रहने की उम्मीद है।

प्रमुख गेहूं उत्पादक क्षेत्रों में बुवाई के फैसले और मौसम की स्थिति का असर उत्पादन पर हो रहा है। यूरोपियन यूनियन में कमजोर कीमतों के कारण शीतकालीन गेहूं की बुवाई में कमी आई है। हालांकि पूर्वी और उत्तरी क्षेत्रों में ठंड का असर देखा गया, लेकिन अन्य क्षेत्रों में अपेक्षाकृत अनुकूल और हल्के मौसम के कारण पैदावार औसत से ऊपर रहने की संभावना है। इसके चलते ईयू में गेहूं उत्पादन में केवल मामूली गिरावट का अनुमान है और यह पांच वर्षीय औसत के करीब रह सकता है।

इंग्लैंड में किसानों ने कुछ इलाकों में जौ की जगह गेहूं की खेती की है। इसके साथ ही अनुकूल बुवाई परिस्थितियों और 2025 में सूखे के कारण प्रभावित पैदावार के बाद संभावित सुधार के चलते 2026 में गेहूं उत्पादन औसत स्तर के करीब पहुंच सकता है।

रूस में गेहूं उत्पादन में मामूली गिरावट का अनुमान है। वहां गेहूं के रकबे में लगातार कमी आ रही है क्योंकि किसान अधिक लाभ देने वाली तिलहनी फसलों की ओर रुख कर रहे हैं। बुवाई के दौरान प्रमुख क्षेत्रों में सूखे की स्थिति ने भी उत्पादन संभावनाओं को प्रभावित किया है। वहीं पड़ोसी देश यूक्रेन में गेहूं उत्पादन पिछले वर्ष के आसपास स्थिर रहने का अनुमान है। यह अपेक्षाकृत स्थिर बुवाई क्षेत्र और सामान्य पैदावार की संभावनाओं के कारण है।

उत्तर अमेरिका में गेहूं उत्पादन का रुख अलग-अलग देशों में भिन्न है। अमेरिका में गेहूं उत्पादन पिछले वर्ष की तुलना में घटने का अंदेशा है क्योंकि बुवाई के समय कमजोर कीमतों के कारण किसानों ने रकबा कम रखा। साथ ही पिछले वर्ष के उच्च स्तर के मुकाबले पैदावार में भी थोड़ी कमी आने की आशंका है, हालांकि कुल उत्पादन पांच वर्षीय औसत से ऊपर रह सकता है। कनाडा में गेहूं की बुवाई में हल्की वृद्धि का अनुमान है, जिसका मुख्य कारण सॉफ्ट गेहूं की खेती का विस्तार है।

एशिया में गेहूं उत्पादन की संभावनाएं सामान्यतः अनुकूल दिखाई दे रही हैं। भारत में सरकारी प्रोत्साहनों के कारण रिकॉर्ड बुवाई हुई है, जिससे उत्पादन पिछले वर्ष के सर्वकालिक उच्च स्तर के करीब रहने की संभावना है। हालांकि उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में सूखे और अधिक तापमान के कारण फसल के विकास पर आंशिक असर पड़ा है, फिर भी समग्र उत्पादन परिदृश्य सकारात्मक बना हुआ है। पाकिस्तान में भी पर्याप्त सिंचाई के कारण प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में स्थिति औसत से बेहतर है। चीन में फरवरी के मध्य में किए गए आकलन के अनुसार फसल की स्थिति सामान्यतः अनुकूल है और उत्पादन पिछले वर्ष के लगभग बराबर रहने की उम्मीद है।

गेहूं के अलावा अन्य अनाजों के उत्पादन की संभावनाएं भी मजबूत हैं। दक्षिणी गोलार्ध में प्रमुख निर्यातक देशों में मक्का उत्पादन औसत से ऊपर रहने का अनुमान है। ब्राजील में अनुकूल मौसम और मजबूत निर्यात मांग के कारण मक्का की बुवाई बढ़ी है, जिससे उत्पादन अच्छा रहने की संभावना है, हालांकि 2025 में अधिक आपूर्ति के कारण कीमतों पर कुछ दबाव बना हुआ है। अर्जेंटीना में भी अधिक बुवाई और मौसम के सामान्य रहने के अनुमान के कारण मक्का उत्पादन औसत से अधिक रहने की संभावना है।

दक्षिण अफ्रीका में 2026 में लगातार दूसरे वर्ष मक्का उत्पादन अच्छा रहने की संभावना है। हालांकि कुछ प्रांतों में अनियमित मौसम के कारण उत्पादन पिछले वर्ष से थोड़ा कम रह सकता है, लेकिन बड़े रकबे के कारण कुल उत्पादन औसत से काफी ऊपर रहेगा।

चावल उत्पादन भी मजबूत रहने का अनुमान है। 2025-26 में वैश्विक चावल उत्पादन 56.34 करोड़ टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 2.1 प्रतिशत अधिक होगा। यह वृद्धि भारत, बांग्लादेश, ब्राजील, चीन और इंडोनेशिया जैसे प्रमुख उत्पादक देशों के कारण होगी।

मक्का और चावल के मजबूत उत्पादन के साथ ही 2026 के अंत तक वैश्विक अनाज भंडार लगभग 94.05 करोड़ टन तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे वैश्विक अनाज बाजार में आपूर्ति आरामदायक बनी रहने की संभावना है, भले ही गेहूं उत्पादन में गिरावट आए। 2025-26 में अंतरराष्ट्रीय अनाज व्यापार भी बढ़कर 50.17 करोड़ टन तक पहुंचने का अनुमान है, जो रिकॉर्ड के बाद दूसरा सबसे ऊंचा स्तर होगा।

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