खरीफ 2026 के लिए 41,534 करोड़ रुपये की न्यूट्रिएंट आधारित सब्सिडी को कैबिनेट की मंजूरी, पिछले साल से 4,317 करोड़ ज्यादा

सब्सिडी की राशि लगभग 41,533.81 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। यह राशि खरीफ सीजन 2025 की बजटीय आवश्यकता से लगभग 4,317 करोड़ रुपये अधिक है। खरीफ सीजन 2025 का बजट 37,216.15 करोड़ रुपये था।

खरीफ 2026 के लिए 41,534 करोड़ रुपये की न्यूट्रिएंट आधारित सब्सिडी को कैबिनेट की मंजूरी, पिछले साल से 4,317 करोड़ ज्यादा

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने खरीफ सीजन 2026 के लिए पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (एनबीएस) दरें निर्धारित करने के उर्वरक विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह सब्सिडी 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 तक के लिए फॉस्फेट और पोटेशियम (पीएंडके) उर्वरकों के लिए है। 

सब्सिडी की राशि लगभग 41,533.81 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। यह राशि खरीफ सीजन 2025 की बजटीय आवश्यकता से लगभग 4,317 करोड़ रुपये अधिक है। खरीफ सीजन 2025 का बजट 37,216.15 करोड़ रुपये था।

कैबिनेट बैठक के बाद जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि फॉस्फेट और पोटाश उर्वरकों, जिनमें डीएपी और एनपीकेएस उर्वरक शामिल हैं, पर सब्सिडी खरीफ 2026 के लिए निर्धारित दरों पर दी जाएगी, ताकि किसानों को रियायती, किफायती और उचित कीमतों पर उर्वरक उपलब्ध हो सके।

सरकार उर्वरक निर्माताओं/आयातकों के माध्यम से किसानों को रियायती दरों पर डीएपी सहित 28 श्रेणियों के फॉस्‍फेट और पोटेशियम उर्वरक उपलब्ध करा रही है। फॉस्‍फेट और पोटेशियम उर्वरकों पर सब्सिडी 1 अप्रैल, 2010 से राष्ट्रीय उपज नीति (एनबीएस) योजना के अंतर्गत आती है। 

यूरिया, डीएपी, एमओपी और सल्फर जैसे उर्वरकों और अन्य सामग्रियों की अंतर्राष्ट्रीय कीमतों में हालिया रुझानों को देखते हुए सरकार ने सब्सिडी की राशि बढ़ाने का फैसला किया है। अनुमोदित और अधिसूचित दरों के अनुसार उर्वरक कंपनियों को सब्सिडी प्रदान की जाएगी।

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