प्याज कीमतों पर काबू पाने के लिए सरकार ने बफर स्टॉक से आपूर्ति शुरू, कांदा एक्सप्रेस नासिक से रवाना

प्याज की कीमतों पर काबू पाने के लिए केंद्र सरकार ने बफर स्टॉक से लक्षित आपूर्ति शुरू कर दी है। एनसीसीएफ, नेफेड और अन्य आउटलेट्स के जरिए प्याज 35 रुपये प्रति किलो की दर से बेचा जाएगा, जबकि 'कांदा एक्सप्रेस' और सड़क परिवहन से प्रमुख शहरों तक आपूर्ति बढ़ाई जा रही है।

प्याज कीमतों पर काबू पाने के लिए सरकार ने बफर स्टॉक से आपूर्ति शुरू, कांदा एक्सप्रेस नासिक से रवाना

त्योहारी और शादी-ब्याह के मौसम से पहले प्याज की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने बफर स्टॉक से प्याज की सुनियोजित और लक्षित मात्रा में निकासी शुरू कर दी है। सरकार रेलवे और सड़क परिवहन के संयुक्त हाइब्रिड मॉडल के जरिए प्रमुख उपभोग केंद्रों तक प्याज पहुंचाएगी। साथ ही, एनसीसीएफ, नेफेड, सफल और केंद्रीय भंडार के माध्यम से चुनिंदा बाजारों में प्याज की खुदरा बिक्री ₹35 प्रति किलोग्राम की दर से की जाएगी।

सरकार का कहना है कि आने वाले महीनों में घरेलू मांग को पूरा करने के लिए प्याज की उपलब्धता पर्याप्त है और सक्रिय बाजार हस्तक्षेप के जरिए मौसमी मूल्य दबाव को कम करने की कोशिश की जाएगी।

सरकारी अनुमान के अनुसार, वर्ष 2025-26 में देश में प्याज का उत्पादन 307.37 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के 307.67 एलएमटी उत्पादन के लगभग बराबर है। सरकार का मानना है कि मजबूत उत्पादन, बफर स्टॉक की उपलब्धता और बाजार में समय पर हस्तक्षेप से आने वाले महीनों में आपूर्ति पर्याप्त बनी रहेगी।

वर्ष 2026-27 के लिए मूल्य स्थिरीकरण कोष (पीएसएफ) के तहत 2 लाख मीट्रिक टन रबी प्याज का बफर तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। नेफेड और एनसीसीएफ के माध्यम से खरीद अभियान 15 मई 2026 को शुरू किया गया था और अब तक करीब 1.21 लाख मीट्रिक टन प्याज की खरीद की जा चुकी है। इस वर्ष पीएसएफ प्याज बफर के भंडारण प्रबंधन के लिए पहली बार केंद्रीय भंडारण निगम (सीडब्ल्यूसी) को भंडारण एजेंसी नियुक्त किया गया है।

सरकार के अनुसार, ओणम, गणेश चतुर्थी, दुर्गा पूजा, दशहरा, दिवाली और शादी-ब्याह के मौसम में प्याज की मांग बढ़ने से कीमतों पर मौसमी दबाव देखा जाता है। ऐसे में सरकार ने समय से पहले बफर स्टॉक से प्याज की नियंत्रित और लक्षित आपूर्ति शुरू करने का फैसला किया है।

प्याज की निकासी मौजूदा बाजार कीमतों, आवक और मांग की स्थिति के आधार पर की जाएगी। जरूरत के अनुसार आपूर्ति की मात्रा, गंतव्य और वितरण के माध्यमों का विस्तार किया जाएगा।

सरकार ने उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए बफर स्टॉक का प्याज 35 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचने की योजना बनाई है। खुदरा बिक्री एनसीसीएफ और नेफेड की दुकानों एवं मोबाइल वैन के अलावा सफल और केंद्रीय भंडार के आउटलेट्स के जरिए की जाएगी।

एनसीसीएफ की 9 दुकानों और 40 मोबाइल वैन के माध्यम से भी प्याज की बिक्री की व्यवस्था की गई है, जबकि केंद्रीय भंडार के करीब 100 आउटलेट्स को इस खुदरा हस्तक्षेप से जोड़ा जाएगा। इसका उद्देश्य प्रमुख उपभोग केंद्रों में उपभोक्ताओं को किफायती दर पर प्याज उपलब्ध कराना है।

'कांदा एक्सप्रेस' से बढ़ेगी आपूर्ति 

उत्पादक क्षेत्रों से बड़े उपभोग केंद्रों तक बफर प्याज की तेज आपूर्ति के लिए 'कांदा एक्सप्रेस' को महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक माध्यम के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।

वर्ष 2024-25 के दौरान 14 रेलवे रेक के जरिए करीब 12,000 मीट्रिक टन प्याज पांच शहरों तक पहुंचाया गया था। वर्ष 2025-26 में इस अभियान का विस्तार करते हुए 86 रेलवे रेक के माध्यम से करीब 88,000 मीट्रिक टन प्याज देश के 16 शहरों तक भेजा गया।

चालू वित्त वर्ष में नासिक से नई दिल्ली के लिए कांदा एक्सप्रेस के जरिए प्याज की खेप भेजना शुरू हो गया है। पहली खेप नासिक से रवाना हो चुकी है। 

इसके अलावा चेन्नई, कोलकाता, एर्नाकुलम, गुवाहाटी, वाराणसी, लखनऊ, पटना, चंडीगढ़, जम्मू और अमृतसर जैसे प्रमुख उपभोग केंद्रों तक सड़क मार्ग से भी प्याज की आपूर्ति की जा रही है। रेलवे और सड़क परिवहन का यह हाइब्रिड मॉडल बाजार की जरूरत के अनुसार प्याज को समय पर पहुंचाने में मदद करेगा।

प्याज का निर्यात मजबूत 

घरेलू बाजार में पर्याप्त उपलब्धता के बीच प्याज का निर्यात भी मजबूत बना हुआ है। अप्रैल से जून 2026 के दौरान देश से करीब 3.82 लाख मीट्रिक टन प्याज का निर्यात किया गया। मलेशिया, श्रीलंका, संयुक्त अरब अमीरात और नेपाल प्रमुख निर्यात बाजारों में शामिल रहे।

579 केंद्रों पर कीमतों की निगरानी

उपभोक्ता मामले विभाग देशभर के 579 केंद्रों पर प्याज समेत 41 आवश्यक वस्तुओं की कीमतों की दैनिक निगरानी कर रहा है। इन बाजार रुझानों, आवक और मांग की स्थिति के आधार पर बफर स्टॉक से प्याज की निकासी की मात्रा और गंतव्यों का फैसला किया जा रहा है।

26 अगस्त 2026 को प्याज की अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमत ₹37.87 प्रति किलोग्राम दर्ज की गई। इसी दिन टमाटर की औसत खुदरा कीमत ₹38.33 प्रति किलोग्राम और आलू की ₹22.63 प्रति किलोग्राम रही। सरकार के अनुसार, टमाटर, आलू और चना दाल की कीमतें एक वर्ष पहले की तुलना में कम हैं।

सरकार ने कहा कि वह प्याज की कीमतों, आवक, उपलब्धता और मांग की स्थिति पर लगातार नजर रखेगी। बाजार में अनुचित मूल्य वृद्धि को रोकने और उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए आवश्यकता पड़ने पर बफर स्टॉक से आपूर्ति का दायरा और बढ़ाया जाएगा। साथ ही, सरकार का उद्देश्य मूल्य स्थिरीकरण के साथ किसानों को भी लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करना है।

Subscribe Rural Voice Newsletter