हरियाणा में एग्री बिजनेस समेत 10 औद्योगिक नीतियों को मंजूरी, निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने पर जोर

हरियाणा सरकार ने निवेश, रोजगार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स, निर्यात और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए 10 नई औद्योगिक नीतियों को मंजूरी दी है। सरकार का लक्ष्य राज्य को विनिर्माण, डिजिटल तकनीक और कृषि आधारित उद्योगों का प्रमुख केंद्र बनाना है।

हरियाणा में एग्री बिजनेस समेत 10 औद्योगिक नीतियों को मंजूरी, निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने पर जोर

हरियाणा सरकार ने राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए 10 औद्योगिक नीतियों को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में सोमवार को चंडीगढ़ में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में 10 प्रमुख औद्योगिक नीतियों को मंजूरी दी गई। इन नीतियों का उद्देश्य विनिर्माणडिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चरउभरती प्रौद्योगिकियोंहरित उद्योगों तथा कृषि आधारित आर्थिक विकास को व्यापक बढ़ावा देना है।

इन नीतियों को अंतिम रूप देने से पहले मुख्यमंत्री ने दो दिनों तक उद्योगपतियों एवं विभिन्न औद्योगिक संगठनों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया। राज्य सरकार की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, ये नीतियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ तथा ‘मेक इन इंडिया’ के विजन के अनुरूप तैयार की गई हैं। 

हरियाणा एग्री बिजनेस एवं एग्रो प्रोसेसिंग नीति 2026 

मंत्रिमंडल ने हरियाणा एग्री बिजनेस एवं एग्रो प्रोसेसिंग नीति 2026 को मंजूरी दी है। यह नीति किसानों की आय बढ़ानेकृषि उत्पादों में मूल्य संवर्धन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की सरकार की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाती है। सरकार का उ‌द्देश्य है कि किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिले और कृषि उत्पादों में मूल्य संवर्धन बढ़े।  

नीति के तहत राज्य में फूड प्रोसेसिंग इकाइयों, कोल्ड चेन अवसंरचनाफूड पार्कपैकेजिंग इकाइयोंफूड टेस्टिंग लैब और इन्क्यूबेशन सेंटरों को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे किसानोंएफपीओप्रोसेसिंग इकाइयों और बाजारों के बीच मजबूत संपर्क बनेगा। फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान में कमी आएगी और किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त होगा।  

इस नीति के माध्यम से 5,000 करोड़ रुपये से अधिक निवेश आकर्षित करने और लगभग 30,000 रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है। महिला उद्यमियोंअनुसूचित जाति वर्गदिव्यांगजनपूर्व सैनिकोंनिर्यात उन्मुख इकाइयों और विदेशी निवेशकों के साथ संयुक्त उपक्रमों के लिए विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। फूड प्रोसेसिंग और पैकेजिंग क्षेत्र में नवाचारआधुनिक तकनीक और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए राज्य में उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया जाएगा।

मेक इन हरियाणा औ‌द्योगिक नीति 2026

ड्राफ्ट ‘मेक इन हरियाणा औद्योगिक नीति 2026’ को भी मंजूरी दी गई है, जो मौजूदा एचईईपी 2020 की जगह लेगी। इस नीति के तहत अगले पांच वर्षों में 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश और 10 लाख रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है।

नई नीति में पुराने ए, बी, सी और डी ब्लॉक मॉडल की जगह कोर, इंटरमीडिएट, सब-प्राइम और प्राइम/फोकस क्षेत्रों की नई व्यवस्था लागू की गई है। सरकार का कहना है कि इससे औद्योगिक प्रोत्साहन प्रदेश के हर ब्लॉक तक पहुंचेंगे और जिन क्षेत्रों में उ‌द्योगों की अधिक आवश्यकता हैउन्हें अधिक लाभ मिलेगा।

नीति में नई इकाइयों को पूंजीगत सब्सिडी, एसजीएसटी प्रतिपूर्ति, स्टाम्प ड्यूटी में छूट और अनुसंधान एवं विकास को प्रोत्साहन जैसे प्रावधान किए गए हैं। स्थानीय युवाओं को रोजगार देने वाली इकाइयों को प्रति कर्मचारी प्रति वर्ष 1 लाख रुपये तक रोजगार सृजन सब्सिडी मिलेगी। महिलाओं, अनुसूचित जाति, दिव्यांगजन, अग्निवीर और पूर्व सैनिकों के लिए यह राशि 1.20 लाख रुपये तक होगी।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर क्षेत्र पर फोकस

हरियाणा इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विनिर्माण नीति 2026 के माध्यम से राज्य सरकार इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स कलपुर्जा उद्योग और सेमीकंडक्टर निवेश को आकर्षित करना चाहती है।

आईएमटी सोहना में 500 एकड़ क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्लस्टर विकसित किया जा रहा है। नीति के तहत 20 से 30 प्रतिशत तक पूंजीगत सहायता तथा 50 से 80 प्रतिशत तक परिचालन सहायता का प्रावधान किया गया है। हरियाणा में निर्मित इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों को सरकारी खरीद में प्राथमिकता भी दी जाएगी।

फार्मा और मेडिकल डिवाइसेज क्षेत्र को बढ़ावा

हरियाणा फार्मास्यूटिकल एवं मेडिकल डिवाइसेज विनिर्माण नीति 2026 के जरिए फार्मा, चिकित्सा उपकरण, क्लीनिकल ट्रायल और स्वास्थ्य विनिर्माण से जुड़े निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा। कोविड महामारी के बाद स्वास्थ्य क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए यह नीति तैयार की गई है।

नीति में महिलाओं को रात्रि पाली में कार्य करने की अनुमति, पात्र इकाइयों को आवश्यक सेवा का दर्जा और दवा फॉर्मूलेशन के लिए त्वरित मंजूरी जैसे प्रावधान शामिल हैं।

खिलौना और खेल उपकरण उद्योग को प्रोत्साहन

हरियाणा टॉयज एवं स्पोर्ट्स इक्विपमेंट विनिर्माण नीति 2026 के तहत खिलौना और खेल उपकरण उद्योग में निवेश, डिजाइन और निर्यात को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित आधारित खिलौनों तथा पर्यावरण अनुकूल उत्पादों के निर्माण को प्रोत्साहित करेगी।

इस नीति के तहत 30 प्रतिशत पूंजीगत सहायता और पांच वर्षों तक परिचालन सहायता देने का प्रावधान है। सरकार ने 5,000 करोड़ रुपये निवेश और 25,000 रोजगार सृजन का लक्ष्य तय किया है।

ई-वेस्ट रीसाइक्लिंग और हरित उद्योगों पर जोर

हरियाणा इलेक्ट्रॉनिक्स वेस्ट रीसाइक्लिंग नीति 2026 के माध्यम से ई-वेस्ट संग्रहण, पुनर्चक्रण और वैज्ञानिक निस्तारण को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार के साथ ई-वेस्ट तेजी से बढ़ रहा है और इस क्षेत्र को संगठित कर हरित रोजगार सृजित किए जाएंगे।

नीति के तहत रीसाइक्लिंग इकाइयों को पूंजीगत और परिचालन सहायता दी जाएगी तथा पंजीकृत इकाइयों को सरकारी खरीद में प्राथमिकता मिलेगी।

ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर हब बनाने की तैयारी

हरियाणा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स नीति 2026 के तहत राज्य में 100 से अधिक नए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में हरियाणा में 270 से अधिक ऐसे केंद्र मौजूद हैं।

इसके लिए गुरुग्राम में सिंगल विंडो डेस्क, निवेशक सहायता मंच और सलाहकार परिषद बनाई जाएगी। अनुसंधान एवं विकास केंद्रों को भी विशेष सहायता प्रदान की जाएगी।

एआई और उभरती तकनीकों पर विशेष फोकस

हरियाणा आईटी/आईटीईएस, एआई एवं उभरती प्रौद्योगिकी नीति 2026 के तहत सूचना प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा, ब्लॉकचेन और इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा दिया जाएगा।

गुरुग्राम में ग्लोबल एआई सेंटर और पंचकूला में उन्नत कंप्यूटिंग सुविधा स्थापित की जाएगी। सरकार ने 50,000 से अधिक पेशेवरों को कौशल प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा है।

एवीजीसी-एक्सआर और डेटा सेंटर नीति को भी मंजूरी

राज्य सरकार ने एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी क्षेत्र के लिए एवीजीसी-एक्सआर नीति 2026 को भी मंजूरी दी है। इसके तहत उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जाएंगे और स्टूडियो तथा कंटेंट निर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा।

इसके अलावा न्यू हरियाणा डेटा सेंटर नीति 2026 के तहत डेटा सेंटर निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल सेवाओं के विस्तार के लिए मजबूत डेटा अवसंरचना आवश्यक है।

साझा प्रोत्साहन व्यवस्था

एग्री बिजनेस नीति को छोड़कर अन्य नौ नीतियों में साझा प्रोत्साहन व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत स्थानीय युवाओं को रोजगार देने वाली इकाइयों को रोजगार सृजन सब्सिडी, ईपीएफ प्रतिपूर्ति, निर्यात प्रोत्साहन और हरित ऊर्जा परियोजनाओं के लिए सहायता दी जाएगी।

सरकार का कहना है कि सेमीकंडक्टर से लेकर एग्री बिजनेस, फार्मा, डिजिटल अवसंरचना और रचनात्मक उद्योगों तक फैली ये नीतियां हरियाणा की नई औद्योगिक दिशा तय करेंगी। राज्य का लक्ष्य निवेश, रोजगार, निर्यात और नवाचार के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होना है। 

 

 

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