केंद्र ने यूपी, बिहार, झारखंड और महाराष्ट्र को 15वें वित्त आयोग के तहत 4,384 करोड़ रुपये का अनुदान जारी किया

केंद्र सरकार ने 15वें वित्त आयोग के ग्रांट के तहत 4,384 करोड़ रुपये की राशि बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और महाराष्ट्र के ग्रामीण स्थानीय निकायों को जारी की है। इससे पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत करने और गांवों में बुनियादी सेवाओं व स्थानीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।

केंद्र ने यूपी, बिहार, झारखंड और महाराष्ट्र को 15वें वित्त आयोग के तहत 4,384 करोड़ रुपये का अनुदान जारी किया

केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 15वें वित्त आयोग (XV-FC) के ग्रांट के तहत बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और महाराष्ट्र के पंचायती राज संस्थानों (PRIs) और ग्रामीण स्थानीय निकायों (RLBs) को 4,383.98 करोड़ रुपये की अनुदान राशि जारी की है। यह राशि ग्रामीण स्थानीय शासन को और मजबूत करने के उद्देश्य से दी गई है।

बिहार को 1,203.60 करोड़ की राशि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए दूसरी किस्त के रूप में सभी 38 जिला पंचायतों, 533 ब्लॉक पंचायतों और 8,053 ग्राम पंचायतों को जारी की गई है। इसके अलावा, पहली किस्त के रोके गए हिस्से से 2.09 करोड़ की अतिरिक्त राशि 3 ब्लॉक पंचायतों और 7 ग्राम पंचायतों को जारी की गई है, जो अब पात्र हो चुकी हैं।

इसी प्रकार, उत्तर प्रदेश के लिए 2,339.10 करोड़ रुपये की राशि दूसरी किस्त के रूप में सभी 75 जिला पंचायतों, 826 ब्लॉक पंचायतों और 57,694 ग्राम पंचायतों को जारी की गई है। साथ ही, पहली किस्त के रोके गए हिस्से से 16.52 करोड़ की अतिरिक्त राशि 2 जिला पंचायतों, 13 प्रखंड पंचायतों और 61 ग्राम पंचायतों को दी गई है, जो अब पात्र हो गई हैं।

झारखंड के लिए अनुदान के तहत 412.69 करोड़ की राशि सभी 24 जिला पंचायतों, 253 पात्र ब्लॉक पंचायतों और 4,342 पात्र ग्राम पंचायतों के लिए निर्धारित की गई है।

महाराष्ट्र को वित्त वर्ष 2022-23 के लिए अनुदान की पहली किस्त के रोके गए हिस्से से 104.04 करोड़ की राशि 12 अतिरिक्त पात्र जिला पंचायतों, 125 ब्लॉक पंचायतों और 50 ग्राम पंचायतों के लिए जारी की गई है। इसके अलावा, उसी वर्ष की दूसरी किस्त के रोके गए हिस्से से 120.61 करोड़ की राशि 12 जिला पंचायतों, 125 ब्लॉक पंचायतों और 324 ग्राम पंचायतों को जारी की गई है, जो अब पात्र हो गई हैं।

अबंधित (untied) अनुदान के तहत वित्त वर्ष 2023-24 की पहली किस्त के रोके गए हिस्से से 106.20 करोड़ की राशि 12 अतिरिक्त पात्र जिला पंचायतों, 125 ब्लॉक पंचायतों और 1,120 ग्राम पंचायतों को जारी की गई है। साथ ही, दूसरी किस्त के रोके गए हिस्से से 79.13 करोड़ की राशि 12 जिला पंचायतों, 125 ब्लॉक पंचायतों और 183 ग्राम पंचायतों को दी गई है, जो अब पात्र हो चुकी हैं।

केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय और जल शक्ति मंत्रालय (पेयजल एवं स्वच्छता विभाग) राज्यों के ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए अनुदानों की सिफारिश करते हैं, जिसके बाद वित्त मंत्रालय यह राशि जारी करता है। इन अनुदानों को एक वित्त वर्ष में दो किस्तों में जारी किया जाता है।

अबंधित (untied) अनुदान का उपयोग पंचायती राज संस्थाएं संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची में शामिल 29 विषयों के अंतर्गत स्थानीय जरूरतों के अनुसार कर सकती हैं, हालांकि इसका उपयोग वेतन और अन्य प्रशासनिक खर्चों के लिए नहीं किया जा सकता।

वहीं, बंधित (tied) अनुदान का उपयोग बुनियादी सेवाओं के लिए किया जाता है, जिसमें स्वच्छता और खुले में शौच मुक्त (ODF) स्थिति को बनाए रखना शामिल है। इसके अंतर्गत घरेलू कचरे का प्रबंधन, मानव मल और फीकल स्लज का उपचार शामिल है। इसके अलावा पेयजल आपूर्ति, वर्षा जल संचयन और वाटर रीसाइक्लिंग जैसी गतिविधियां भी शामिल हैं।

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