प्याज के दामों को लेकर किसानों का प्रदर्शन, नासिक में मुंबई-आगरा हाईवे किया जाम
महाराष्ट्र के नासिक जिले में किसानों ने प्याज की कीमतों में भारी गिरावट के बीच बेहतर दाम की मांग को लेकर मुंबई-आगरा हाईवे जाम कर दिया। विपक्षी महाविकास आघाड़ी (एमवीए) के समर्थन से हुए इस प्रदर्शन में किसानों ने खरीद मूल्य बढ़ाने और औने-पौने दाम पर फसल बेचने वाले किसानों को मुआवजा देने की मांग की।
अभास आनंद/प्रिंसू
महाराष्ट्र के नासिक जिले में मंगलवार को प्याज किसानों ने अपनी फसल के बेहतर दाम की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। विपक्षी महा विकास आघाड़ी (एमवीए) के नेताओं के समर्थन से हुए इस आंदोलन के कारण चांदवड कस्बे में व्यस्त मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग कुछ समय के लिए जाम हो गया।
‘कांदा उत्पादक शेतकरी क्रांति महामोर्चा’ के बैनर तले आयोजित यह प्रदर्शन सुबह करीब 10 बजे शुरू हुआ। एपीएमसी चांदवड के सचिव गंगुर्डे गोरख के अनुसार इसमें लगभग 1,500 किसानों ने भाग लिया। किसानों की मांग है कि वर्तमान में प्याज के दाम बेहद कम हैं और सरकार को उनकी उपज का उचित मूल्य देना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान हाईवे पर यातायात कुछ समय के लिए बाधित रहा। बाद में पुलिस ने हस्तक्षेप कर प्रदर्शन स्थल को बलपूर्वक खाली कराया। कई प्रदर्शनकारियों और विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। रैली का नेतृत्व एनसीपी (एसपी) के विधायक रोहित पवार, शिवसेना (यूबीटी) नेता अंबादास दनवे और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल कर रहे थे। ये नेता किसानों के साथ बैलगाड़ी रैली में शामिल हुए, जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया।

इस प्रदर्शन की मुख्य वजह पिछले एक साल में प्याज की कीमतों में आई भारी गिरावट है, जिसने किसानों को गहरे आर्थिक संकट में डाल दिया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार मार्च 2025 से प्याज की थोक महंगाई दर लगातार नकारात्मक बनी हुई है, जबकि खुदरा महंगाई मई 2025 से नकारात्मक है। इस अवधि में प्याज के थोक दाम में करीब 50 प्रतिशत और खुदरा दाम में लगभग 55 प्रतिशत तक की गिरावट आई है।
किसानों की परेशानी दूर करने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नाफेड और एनसीसीएफ के माध्यम से 12.35 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से प्याज खरीद की घोषणा की थी। हालांकि किसानों और विपक्षी नेताओं का कहना है कि यह कीमत राहत देने के लिए पर्याप्त नहीं है। एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार 25 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीद और औने-पौने दाम पर प्याज बेचने वाले किसानों को मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।
गंगुर्डे ने बताया कि स्थानीय पुलिस द्वारा हड़ताल समाप्त कराए जाने के बाद मंडी में सामान्य कामकाज बहाल हो गया। उन्होंने यह भी कहा कि बुधवार को मंडी सामान्य रूप से खुली रहेगी। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि यदि किसानों की मांगें पूरी नहीं हुईं तो आने वाले दिनों में आंदोलन जारी रह सकता है और मुंबई की ओर भी बड़े प्रदर्शन किए जा सकते हैं।

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