डीसीएम श्रीराम का मुनाफा 2025-26 में 42% बढ़ा, 200% अंतिम डिविडेंड की घोषणा, कृषि कारोबार का करेगी विस्तार

डीसीएम श्रीराम (DCM Shriram) ने वित्त वर्ष 2025-26 में मजबूत प्रदर्शन किया है। इसका शुद्ध लाभ 42 प्रतिशत वृद्धि के साथ 856 करोड़ रुपये रहा है। इसके राजस्व में 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसने 200% अंतिम डिविडेंड की भी घोषणा की है।

डीसीएम श्रीराम का मुनाफा 2025-26 में 42% बढ़ा, 200% अंतिम डिविडेंड की घोषणा, कृषि कारोबार का करेगी विस्तार

डीसीएम श्रीराम कंपनी ने वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, कमोडिटी कीमतों में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद 2025-26 में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी ने 14,264 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड राजस्व दर्ज किया, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 12 प्रतिशत अधिक है। कर पश्चात लाभ (PAT) 42 प्रतिशत बढ़कर 856 करोड़ रुपये रहा है। हालांकि इस मुनाफे में 239 करोड़ रुपये का एकमुश्त डिफर्ड टैक्स क्रेडिट भी शामिल है।

मार्च 2026 में समाप्त चौथी तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध राजस्व 3,373 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह 3,019 करोड़ रुपये था। इस तिमाही मुनाफा लगभग दोगुना होकर 371 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो 2024-25 की चौती तिमाही में 179 करोड़ रुपये था। कंपनी के बोर्ड ने 200 प्रतिशत अंतिम डिविडेंड की सिफारिश की है, जिससे FY26 के लिए कुल डिविडेंड 560 प्रतिशत यानी 174.66 करोड़ रुपये हो गया है। कंपनी ने कहा कि राजस्व वृद्धि का मुख्य आधार केमिकल्स कारोबार में अधिक बिक्री, फेनेस्टा बिल्डिंग सिस्टम्स का विस्तार और श्रीराम सॉल्यूशंस का मजबूत प्रदर्शन रहा। 

कंपनी के चेयरमैन एवं सीनियर मैनेजिंग डायरेक्टर अजय श्रीराम तथा वाइस चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर विक्रम श्रीराम ने कहा कि व्यापार में संरक्षणवाद बढ़ने, सप्लाई चेन में बदलाव और पश्चिम एशिया में तनाव के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने मजबूती दिखाई है।

उन्होंने कहा कि इस सीजन भारत का चीनी उत्पादन पिछले साल की तुलना में 23 लाख टन अधिक रहा। हालांकि, ऊंची गन्ना लागत और चीनी एवं एथेनॉल बाजार में अधिक आपूर्ति के कारण उद्योग पर मार्जिन का दबाव बना हुआ है। उन्होंने कहा कि उद्योग की दीर्घकालिक स्थिरता के लिए चीनी का एमएसपी बढ़ाने, एथेनॉल ब्लेंडिंग बढ़ाने, निर्यात सुविधा और एथेनॉल के वैकल्पिक उपयोग जैसी नीतिगत सहायता जरूरी है।

कंपनी ने बताया है कि केमिकल्स और विनाइल कारोबार में क्षमता विस्तार और डाउनस्ट्रीम इंटीग्रेशन के कारण मजबूत वृद्धि दर्ज हुई। कंपनी ने अप्रैल 2026 में भरूच में 52,000 टन प्रतिवर्ष क्षमता वाला एपिक्लोरोहाइड्रिन प्लांट शुरू किया और हिंदुस्तान स्पेशलिटी केमिकल्स लि. के अधिग्रहण के जरिए एडवांस्ड मैटेरियल्स पोर्टफोलियो का विस्तार किया। डीसीएम श्रीराम ने पीवीसी कंपाउंड्स कारोबार में अमेरिका की टेक्नोर एपेक्स के साथ संयुक्त उद्यम भी शुरू किया।

फेनेस्टा बिल्डिंग सिस्टम्स ने FY26 में 1,112 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया, जो 28 प्रतिशत की वृद्धि है। कंपनी ने रणनीतिक अधिग्रहणों के जरिए भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी मौजूदगी मजबूत की। वहीं, श्रीराम फार्म सॉल्यूशंस ने भी 18 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज करते हुए 1,689 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया। इसमें विभिन्न उत्पाद श्रेणियों की अधिक बिक्री और गेहूं के बीज की रिकॉर्ड बिक्री का योगदान रहा।

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