महंगे ईंधन का असर, अप्रैल में थोक महंगाई 8.3% पर पहुंची, 42 माह में सबसे ज्यादा
महंगे ईंधन का असर अब महंगाई दर पर दिखने लगा है। अप्रैल 2026 में थोक महंगाई 8.3 प्रतिशत दर्ज की गई है जो 42 महीने का उच्चतम स्तर है। मार्च में थोक महंगाई 3.58 प्रतिशत और फरवरी में 2.26 प्रतिशत थी।
महंगे ईंधन का असर अब महंगाई दर पर दिखने लगा है। अप्रैल 2026 में थोक महंगाई 8.3 प्रतिशत दर्ज की गई है जो 42 महीने का उच्चतम स्तर है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की तरफ से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि मिनरल ऑयल, क्रूड पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, बेसिक मेटल तथा अन्य मैन्युफैक्चरिंग वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि के कारण थोक महंगाई इतनी अधिक हुई है। मार्च में थोक महंगाई 3.58 प्रतिशत और फरवरी में 2.26 प्रतिशत थी।
ईंधन एवं बिजली समूह की महंगाई दर 24.71 प्रतिशत पहुंच गई है जो मार्च में 1.05% और फरवरी में -3.85 प्रतिशत थी। प्राथमिक वस्तुओं की महंगाई दर भी 9.17 प्रतिशत दर्ज की गई है। यह मार्च में 6.36 प्रतिशत और फरवरी में 3.21 प्रतिशत थी। मैन्युफैक्चर्ड वस्तुओं की थोक महंगाई 4.62% रही है। यह मार्च 2026 में 3.39 प्रतिशत और फरवरी में 3.53 प्रतिशत थी। तुलनात्मक रूप से खाद्य वस्तुओं के दाम ज्यादा नहीं बढ़े हैं। अप्रैल में इनकी थोक महंगाई दर सिर्फ 2.31 प्रतिशत रही। हालांकि यह फरवरी और मार्च के 1.85 प्रतिशत से अधिक है। थोक महंगाई का निर्धारण करने वाली वस्तुओं में खाद्य वस्तुओं का वेटेज 24.38 प्रतिशत है।
ईंधन और बिजली समूह में एलपीजी की महंगाई दर पिछले माह 10.92 प्रतिशत हो गई जो अप्रैल 2025 में -0.41 प्रतिशत थी। पेट्रोल की महंगाी दर -7.70 प्रतिशत की तुलना में 32.40 प्रतिशत पहुंच गई। डीजल की थोक महंगाई दर भी -5.04 प्रतिशत से बढ़कर 32.40 प्रतिशत हो गई। प्राथमिक वस्तुओं के समूह में क्रूड पेट्रोलियम के दाम एक साल पहले की तुलना में 88.06 प्रतिशत बढ़ गए, जबकि अप्रैल 2025 में इसकी महंगाई दर -19.85 प्रतिशत थी। मार्च 2026 में भी इनके दाम 51.57 प्रतिशत बढ़े थे। क्रूड पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस दोनों मिला कर देखें तो इनके दाम 67.18 प्रतिशत बढ़े हैं, जबकि एक साल पहले अप्रैल 2025 में इनके दाम में 15.55 प्रतिशत की कमी आई थी। मार्च 2026 में इनके दाम 35.98 प्रतिशत बढ़े थे। इससे पहले, नवंबर 2025 से फरवरी 2026 तक क्रूड पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस की महंगाई दर निगेटिव थी।
प्राथमिक वस्तुओं में खाने-पीने की चीजें देखें तो अप्रैल 2026 में गेहूं के थोक दाम 0.38 प्रतिशत अधिक हैं। दालों की कीमतों में 4.03 प्रतिशत की गिरावट। अप्रैल 2025 में भी दालों की थोक महंगाई -5.57 प्रतिशत थी। सब्जियों की थोक महंगाई तो 0.53 प्रतिशत दर्ज हुई है, लेकिन आलू के दाम 30.04 प्रतिशत और प्याज के 26.45 प्रतिशत कम हुए हैं। खास बात यह है कि अप्रैल 2025 में भी आलू की थोक महंगाई -23.93 प्रतिशत और प्याज की 0.20 प्रतिशत रही थी। फलों की थोक महंगाई -0.21 प्रतिशत और दूध की 2.56 प्रतिशत रही है।
गेहूं की थोक महंगाई नवंबर 2025 से मार्च 2026 तक निगेटिव रही है। दाल, आलू और प्याज में तो छह महीने से लगातार निगेटिव महंगाई है, यानी इनके थोक दाम पिछले साल से कम हैं।

Join the RuralVoice whatsapp group















