मार्च में शाकाहारी थाली की लागत स्थिर, मांसाहारी सस्ती; टमाटर, तेल और ईंधन महंगे: क्रिसिल रिपोर्ट

क्रिसिल के अनुसार मार्च में शाकाहारी थाली की लागत स्थिर रही, क्योंकि सस्ते प्याज, आलू और दालों ने महंगे टमाटर, तेल और ईंधन के प्रभाव को संतुलित किया। हालांकि मांसाहारी थाली 1% सस्ती हुई। मासिक आधार पर सब्जियों के दाम घटने से थाली की लागत में गिरावट दर्ज की गई।

मार्च में शाकाहारी थाली की लागत स्थिर, मांसाहारी सस्ती; टमाटर, तेल और ईंधन महंगे: क्रिसिल रिपोर्ट

क्रिसिल इंटेलिजेंस की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, मार्च में घर पर तैयार की जाने वाली शाकाहारी थाली की लागत साल-दर-साल आधार पर स्थिर रही। प्याज, आलू और दालों की कीमतों में गिरावट से कुछ राहत मिली। वहीं, मांसाहारी थाली की लागत इस दौरान 1% घट गई।

हालांकि कई आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में कमी आई, लेकिन टमाटर, खाद्य तेल और ईंधन की बढ़ती कीमतों ने शाकाहारी थाली की कुल लागत को स्थिर बनाए रखा। टमाटर की कीमत मार्च 2026 में 33% बढ़कर 28 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई, जिसका कारण कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में रोपाई में देरी रहा, जिससे उत्पादन और आपूर्ति प्रभावित हुई।

दूसरी ओर, प्याज की कीमतों में सालाना आधार पर 25% की गिरावट आई, जिसका कारण लेट खरीफ और रबी फसल की अधिक आवक और कमजोर निर्यात रहा। इससे किसानों को कम कीमत पर बिक्री करनी पड़ी। आलू की कीमतों में भी 13% की गिरावट आई, जिसका कारण होटल, रेस्तरां और कैटरिंग सेक्टर में कमजोर मांग रही।

क्रिसिल इंटेलिजेंस के निदेशक पुषण शर्मा ने कहा, “घर पर थाली तैयार करने की औसत लागत उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम भारत में प्रचलित इनपुट कीमतों के आधार पर तय की जाती है। मासिक बदलाव आम आदमी के खर्च पर असर को दर्शाता है। आंकड़े यह भी बताते हैं कि किन घटकों (अनाज, दाल, ब्रॉयलर, सब्जियां, मसाले, खाद्य तेल और रसोई गैस) से थाली की लागत प्रभावित होती है।”

दालों की कीमतों में 6% की कमी दर्ज की गई, जो अधिक शुरुआती स्टॉक के कारण हुई। तूर की उपलब्धता में 20% की वृद्धि का अनुमान है, जबकि चना स्टॉक में करीब 10% की बढ़ोतरी ने कीमतों पर दबाव डाला।

वैश्विक आपूर्ति बाधाओं के कारण खाद्य तेल और ईंधन की कीमतों में वृद्धि हुई। खाद्य तेल की कीमतें 6% बढ़ीं, जबकि एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 14% की बढ़ोतरी हुई, जिससे थाली की कुल लागत में गिरावट सीमित रही।

मांसाहारी थाली की लागत में कमी मुख्य रूप से ब्रॉयलर कीमतों में 2% गिरावट के कारण आई, जो कुल लागत का लगभग आधा हिस्सा होती है। प्याज, आलू और दालों की सस्ती कीमतों ने भी इसमें योगदान दिया, हालांकि टमाटर की महंगाई ने गिरावट को सीमित कर दिया।

माह-दर-माह आधार पर, मार्च में शाकाहारी और मांसाहारी दोनों थालियों की लागत में क्रमशः 3% और 2% की कमी आई। इसका मुख्य कारण सब्जियों की कीमतों में गिरावट रहा। टमाटर और आलू 6% तथा प्याज 14% सस्ते हुए, जो अधिक आवक और कमजोर मांग के कारण संभव हुआ। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि नवरात्र के दौरान मांसाहार की मांग घटने से ब्रॉयलर कीमतों में कमी आई, जिससे मांसाहारी थाली की लागत और नीचे आई।

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