एनसीसीएफ ने बिहार में पहली बार मसूर की संगठित खरीद शुरू की
नेशनल कंज्यूमर कोऑपरेटिव फेडरेशन ऑफ इंडिया (एनसीसीएफ) ने बिहार में पहली बार न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के तहत 32,000 मीट्रिक टन मसूर की संगठित खरीद शुरू की है। उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय का कहना है कि यह पहल देश में दालों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगी। वहीं, छत्तीसगढ़ में पीएम-आशा के तहत खरीद अभियान का विस्तार किया गया है।
नेशनल कंज्यूमर कोऑपरेटिव फेडरेशन ऑफ इंडिया (एनसीसीएफ) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए बिहार में पहली बार मसूर दाल की संगठित खरीद शुरू की है। उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय का कहना है कि यह दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक अहम पहल है।
राज्य के लिए 32,000 मीट्रिक टन मसूर खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए 22 अप्रैल 2026 तक 16 पैक्स/एफपीओ पंजीकृत हो चुके हैं और 59 किसानों को खरीद प्रक्रिया से जोड़ा गया है। अब तक 100.4 मीट्रिक टन मसूर की खरीद की जा चुकी है। नाफेड भी मूल्य समर्थन योजना (Price Support Scheme) के तहत अपने सहकारी नेटवर्क के माध्यम से राज्य में खरीद कार्य को बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। यह खरीद प्रक्रिया 31 मई 2026 तक जारी रहेगी।
छत्तीसगढ़: एमएसपी पर खरीद अभियान का विस्तार
छत्तीसगढ़ में पीएम-आशा के तहत खरीद कार्य में तेजी आई है। मंत्रालय का कहना है कि ई-सम्युक्ति पोर्टल के माध्यम से किसानों की डिजिटल भागीदारी और व्यापक जागरूकता अभियानों से इस पहल को मजबूती मिली है। वर्तमान में 85 पैक्स केंद्रों का नेटवर्क संचालित है। इनके जरिए धमतरी, दुर्ग, बालोद, बलौदाबाजार, रायपुर, रायगढ़ और सारंगढ़ जिलों में खरीद जारी है। जल्द ही सरगुजा, कोंडागांव और कोरिया जिलों में भी इसका विस्तार किया जाएगा।
राज्य के लिए 63,325 मीट्रिक टन चना और 5,360 मीट्रिक टन मसूर की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। 22 अप्रैल 2026 तक एनसीसीएफ द्वारा 9,032 मीट्रिक टन चना और 7.98 मीट्रिक टन मसूर की खरीद की जा चुकी है। वहीं NAFED के माध्यम से भी 3,850 मीट्रिक टन चना और 109 मीट्रिक टन मसूर की खरीद की गई है।

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