मार्च में खुदरा महंगाई बढ़कर 3.4% पर, खाद्य महंगाई 3.87% पहुंची; दोनों फरवरी से अधिक

मार्च 2026 में खुदरा महंगाई बढ़कर 3.4% हो गई, जो फरवरी के 3.21% से अधिक है। इसी दौरान खाद्य महंगाई दर भी बढ़कर 3.87% पर पहुंच गई। ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई शहरी क्षेत्रों की तुलना में अधिक रही। प्याज और आलू की कीमतों में गिरावट के बावजूद टमाटर और फूलगोभी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली। दक्षिणी राज्यों में महंगाई का असर अधिक देखने को मिला।

मार्च में खुदरा महंगाई बढ़कर 3.4% पर, खाद्य महंगाई 3.87% पहुंची; दोनों फरवरी से अधिक

मार्च 2026 के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) (आधार वर्ष 2024) पर आधारित वर्ष-दर-वर्ष महंगाई दर मार्च 2025 के मुकाबले 3.40% (प्रोविजनल) रही। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में यह दर क्रमशः 3.63% और 3.11% रही। फरवरी 2026 में अखिल भारतीय खुदरा महंगाई दर 3.21% थी।

इसी तरह, अखिल भारतीय उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक (CFPI) पर आधारित वर्ष-दर-वर्ष खाद्य महंगाई दर मार्च 2026 में 3.87% (प्रोविजनल) दर्ज की गई। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में यह दर क्रमशः 3.96% और 3.71% रही। फरवरी 2026 में यह दर 3.47% थी।

मार्च 2026 में प्याज की कीमतों में 27.76%, आलू में 19.98%, लहसुन में 10.18%, अरहर दाल में 9.56% और चना में 7.87% की गिरावट दर्ज की गई। इसके विपरीत, टमाटर की कीमतों में 35.99% और फूलगोभी में 34.11% की तेज वृद्धि हुई।

दक्षिणी राज्यों में महंगाई का असर सबसे अधिक रहा। तेलंगाना में कुल महंगाई दर 5.83% और खाद्य महंगाई 5.94% रही। आंध्र प्रदेश में यह क्रमशः 4.05% और 5.45%, कर्नाटक में 3.96% और 5.89%, तमिलनाडु में 3.77% और 3.94% तथा राजस्थान में 3.64% और 3% दर्ज की गई।

ये महंगाई आंकड़े नए आधार वर्ष 2024 पर आधारित हैं। रियल टाइम मूल्य डेटा 1407 चयनित शहरी बाजारों (ऑनलाइन बाजार सहित) और 1465 गांवों से एकत्र किया जाता है, जो सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कवर करते हैं। अप्रैल 2026 के CPI आंकड़े 12 मई 2026 (मंगलवार) को जारी किए जाएंगे।

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