ICAR-IARI ने क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में बनाई जगह, कृषि और वानिकी श्रेणी में मिला स्थान

आईसीएआर–आईएआरआई ने क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में कृषि एवं वानिकी श्रेणी में 151–200 बैंड में जगह बनाकर वैश्विक स्तर पर भारत की कृषि शिक्षा और अनुसंधान क्षमता को नई पहचान दिलाई है। इस श्रेणी में बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, आईआईटी खडगपुर और दिल्ली यूनिवर्सिटी भी शामिल हैं।

ICAR-IARI ने क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में बनाई जगह, कृषि और वानिकी श्रेणी में मिला स्थान

देश में कृषि शिक्षा और अनुसंधान के प्रमुख केंद्र आईसीएआर के भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) ने पहली बार QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में कृषि एवं वानिकी विषय श्रेणी में जगह बनाई है। संस्थान को 151–200 के बैंड में स्थान मिला है।

121 वर्ष पुराने इस प्रतिष्ठित संस्थान के साथ इस श्रेणी में बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, आईआईटी खडगपुर और दिल्ली यूनिवर्सिटी भी शामिल हैं। QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में जगह बनाने से आईएआरआई की देश-दुनिया के अग्रणी कृषि और वानिकी शिक्षा संस्थानों में स्थिति और मजबूत हुई है।  

आईएआरआई की इस उपलब्धि पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के महानिदेशक तथा सचिव (डेयर) डॉ. एम. एल. जाट ने कहा कि दिसंबर 2025 में मुख्य सचिवों के सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को पाने के लिए कुशल मानव संसाधन के विकास पर विशेष जोर दिया था। देश में एग्रीकल्चरल हायर एजुकेशन को मजबूत करना आईसीएआर और कृषि मंत्रालय की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। नेशनल एग्रीकल्चरल रिसर्च एजुकेशन एंड एक्सटेंशन सिस्टम (NAREES) के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में वर्ल्ड क्लास मल्टीडिसिप्लिनरी रिसर्च-इंटेंसिव एजुकेशन इकोसिस्टम को मजबूत किया जा रहा है।

QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 की कृषि एवं वानिकी विषय श्रेणी में तमिलनाडु एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी को 201-250 के बैंड में, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी और शूलिनी यूनिवर्सिटी को 251-300 के बैंड में और चौधरी चरण सिंह हरियाणा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी को 301-350 के बैंड में जगह मिली है।

क्यूएस रैंकिंग में संस्थानों का मूल्यांकन अकादमिक प्रतिष्ठा, नियोक्ता प्रतिष्ठा, शोध उद्धरण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे मानकों पर किया जाता है। आईएआरआई की यह उपलब्धि कृषि-खाद्य प्रणालियों, कुशल मानव संसाधन विकास और सतत विकास लक्ष्यों में उसके बहुआयामी योगदान को दर्शाती है। इसमें संस्थान की शिक्षण और शोध गुणवत्ता के साथ-साथ उसके सामाजिक योगदान का भी मूल्यांकन किया जाता है। 

वैश्विक स्तर पर कृषि विज्ञान शिक्षा के क्षेत्र में कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच आईएआरआई का प्रदर्शन उल्लेखनीय माना जा रहा है। आईएआरआई के उत्कृष्ट प्रदर्शन के पीछे फंडामेंटल रिसर्च, ट्रांसलेशनल साइंस और फील्ड-लेवल आउटरीच के समन्वय की अहम भूमिका रही है, जिसके माध्यम से संस्थान ने फसल सुधार और जलवायु-सहिष्णु कृषि जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसके साथ ही मजबूत पूर्व छात्र नेटवर्क और हितधारकों का भरोसा भी संस्थान की वैश्विक पहचान को बढ़ाने में सहायक रहा है।

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