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Harvir Singh
RuralVoice.in एक ऐसा मीडिया प्लेटफार्म है जो रुरल अर्बन के बीच के विभाजन के बीच सूचना की खाई को करने के साथ ग्रामीण भारत की खबरों और उसके लिए जरूरी सूचना को प्राथमिकता देने का काम करता है। यह एक नालेज आधारित नया मीडिया स्टार्ट- अप है। इसे एग्रीकल्चर, रुरल, इकोनामी, पालिटिक्स और बिजनेस रिपोर्टिंग के तीस साल के अनुभवी जर्नलिस्ट हरवीर सिंह ने शुरू किया है। प्रिंट, रेडियो, टीवी और डिजिटल मीडिया के माध्यमों में विभिन्न लीडरशिप स्तरों पर देश के बड़े मीडिया समूहों में काम करने का अनुभव उनके पास है। इसके पहले वह आउटलुक हिंदी के संपादक रहे हैं। वहीं उन्होंने मनी भास्कर के संपादक के रूप में और बिजनेस भास्कर के इकोनामिक एडिटर के रूप में दैनिक भास्कर समूह में काम किया। इसके अलावा वह दैनिक हिंदुस्तान और अमर उजाला समूह में सीनियर लीडरशिप पाजिशंस में रहे हैं। हरवीर सिंह के नेतृत्व में प्रोफेशनली ट्रेंड और कमिटेड जर्नलिस्ट्स की एक टीम इस संस्थान के लिए काम कर रही हैं। इस नेटवर्क को देश के अधिकांश हिस्सों तक ले जाने की योजना है। रिपोर्टिंग और लेखन का एक ही मूलमंत्र है कि यह किसी भी राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक पूर्वाग्रह से मुक्त होगा। RuralVoice.in के कंटेंट का केंद्र बिंदु ‘भारत’ यानी रुरल इंडिया रहेगा।
आठ महीनों में खाद्य तेलों का आयात 7 प्रतिशत बढ़ा, पाम आयल की हिस्सेदारी बढ़कर 48 फीसदी हुई
चालू तेल वर्ष के पहले आठ महीनों में भारत का खाद्य तेल आयात 7 प्रतिशत बढ़कर 103.88...
जुलाई के पहले सप्ताह में सामान्य से 45 फीसदी अधिक बारिश, आगे मॉनसून का शुष्क दौर
जुलाई के पहले सप्ताह में देशभर में बारिश सामान्य से 45 फीसदी अधिक रही, लेकिन मॉनसून...
पूरे देश में पहुंचा मॉनसून, दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश, पश्चिमी यूपी व उत्तराखंड के लिए अलर्ट
दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 9 जुलाई को पूरे देश में पहुंच गया, जो सामान्य तारीख से एक दिन...
ईरान युद्ध से सबक, उर्वरक आयात पर निर्भरता घटाने की जरूरत
ईरान युद्ध से उर्वरकों और गैस की आपूर्ति जो बाधित हुई तथा कीमतों में जो तेज बढ़ोतरी...
क्या है आंध्र प्रदेश का आम संकट? केंद्र ने भावांतर भुगतान को दी मंजूरी, विशेषज्ञ समिति गठित
आंध्र प्रदेश में तोतापुरी आम की कीमतों में भारी गिरावट से किसान संकट में हैं। सीमित...
इथेनॉल के लिए धान के MSP से भी कम रेट पर बिकेगा सरकारी चावल, OMSS नीति जारी
जिस चावल की बिक्री सरकार इथेनॉल उत्पादन के लिए 2,320 रुपये प्रति क्विंटल की दर से...
पश्चिमी यूपी, हरियाणा-पंजाब में मानसून की दस्तक, अगले एक सप्ताह देश के बड़े हिस्से में बारिश
दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 1 जुलाई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में दस्तक...
चीनी और इथेनॉल उत्पादन पर अल नीनो का खतरा, लगातार तीसरे साल खपत से कम रह सकता है चीनी उत्पादन
अगले दो साल देश के चीनी और एथेनॉल सेक्टर के लिए नई चुनौतीपूर्ण रहेंगे। कमजोर मानसून...
दो सप्ताह बाद मानसून ने पकड़ी रफ्तार, खेती के लिए राहत लेकिन बारिश में क्षेत्रीय असमानता
लगभग दो सप्ताह ठहराव के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून फिर से आगे बढ़ने लगा है। गुजरात,...
उत्तर प्रदेश का चीनी उत्पादन एक दशक में सबसे कम, आगामी सीजन में बढ़ सकता है गन्ना आपूर्ति का संकट
आगामी सीजन में भी चीनी मिलों के सामने गन्ना आपूर्ति का गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।...
हार्वेस्टिंग के बाद नुकसान और प्रसंस्करण सुविधाओं तक सीमित पहुंच भारतीय कृषि अर्थव्यवस्था के विकास में बाधक
दुनिया के सबसे बड़े खाद्य उत्पादकों में शामिल होने के बावजूद, भारत अपनी कृषि उपज...
अल नीनो से सूखे का खतरा, FAO ने की सर्वाधिक जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान
41 वर्षों के उपग्रह आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर FAO ने उन क्षेत्रों की पहचान...
संकट के चौराहे पर कृषि: क्या तैयार है भारत?
कमजोर मानसून की आशंका और तेल एवं उर्वरकों की कीमतों में इजाफे से बढ़ती लागत के बीच...
सूखे की आहट: देश में सामान्य से 41 फीसदी कम बारिश, प्रमुख जलाशयों में क्षमता के मुकाबले 27.5 प्रतिशत पानी
देश में मानसून की धीमी प्रगति और 1 जून से 19 जून के बीच सामान्य से 41 फीसदी कम बारिश...
पराली प्रबंधन के लिए 3.5 लाख से ज्यादा मशीनें वितरित, 4 हजार करोड़ से ज्यादा खर्च, 14 जिलों में सक्रिय होगा पराली सुरक्षा बल
केंद्र सरकार ने वर्ष 2026 की धान कटाई से पहले पराली प्रबंधन की तैयारियां तेज कर...
शुरुआत में ही लड़खड़ाई मानसून की रफ्तार, 15 जून तक देश में 32 फीसदी कम बारिश
सुपर अल नीनो की आशंकाओं के बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआत कमजोर रही है। 15 जून...

















