गेहूं खरीद मानकों में राजस्थान को ढील, पंजाब में नुकसान का आकलन करेंगी केंद्र की टीमें

पंजाब में बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को भारी नुकसान के बीच केंद्र ने आकलन के लिए टीमें भेजी हैं, जबकि राजस्थान में पहले ही खरीद मानकों में ढील दी जा चुकी है। मानकों में छूट के मामले में राज्यों के बीच भेदभाव पर सवाल उठ रहे हैं।

गेहूं खरीद मानकों में राजस्थान को ढील, पंजाब में नुकसान का आकलन करेंगी केंद्र की टीमें

हालिया बारिश, आंधी और ओलावृष्टि से देश के कई राज्यों में गेहूं की फसल को व्यापक नुकसान पहुंचा है। अब किसानों के सामने अनाज को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचना चुनौती बन गया है। इस बीच, केंद्र सरकार ने राजस्थान में गेहूं खरीद मानकों में छूट देने का आदेश जारी कर दिया है, जबकि पंजाब और हरियाणा के किसान भी रियायत की मांग कर रहे हैं।

पंजाब में नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्र सरकार ने अधिकारियों की टीमें गठित की हैं। ये टीमें राज्य सरकार और एफसीआई के अधिकारियों के साथ मिलकर प्रभावित जिलों का दौरा करेंगी, जिसके आधार पर केंद्र को विस्तृत रिपोर्ट सौंपी जाएगी। 

पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार से गेहूं खरीद मानकों में ढील देने की मांग की है ताकि किसानों को नुकसान से राहत मिल सके और उनकी उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से नीचे न बिके।

इसी बीच, केंद्र सरकार ने राजस्थान को पहले ही गेहूं खरीद मानकों में ढील दे दी है। केंद्रीय खाद्य मंत्रालय के पत्र के अनुसार, रबी विपणन सत्र 2026-27 के लिए राजस्थान में चमकहीन (लस्टर लॉस) गेहूं की सीमा को 50% तक स्वीकार किया जाएगा, जबकि सिकुड़े और टूटे दानों की सीमा 6% से बढ़ाकर 15% कर दी गई है। कुल क्षतिग्रस्त और आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त अनाज की सीमा 6% से अधिक नहीं होगी।

पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि मानकों में ढील के तहत खरीदे गए गेहूं का अलग से भंडारण किया जाएगा और इस दौरान गुणवत्ता में गिरावट की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। ऐसे स्टॉक को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश भी दिए गए हैं और यह अनाज राज्य के भीतर ही उपभोग किया जाएगा।

उधर, राजस्थान में खरीद मानकों में छूट को लेकर कई सवाल भी उठ रहे हैं। पंजाब के किसान नेता केंद्र सरकार पर भेदभाव का आरोप लगा रहे हैं। पंजाब सरकार का कहना है कि मौसम की समान मार के बावजूद राज्य को अब तक ऐसी राहत नहीं मिली है।

इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान और केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रह्लाद जोशी के बीच बैठक भी हो चुकी है, जिसमें राज्य की चिंताओं को उठाया गया। राज्य सरकार ने नुकसान के आकलन के लिए विशेष गिरदावरी के आदेश भी जारी किए हैं।

पिछले दिनों पश्चिमी विक्षोभ के चलते हुई बारिश और ओलावृष्टि से न केवल फसल गिरी है, बल्कि गेहूं की चमक, दानों के आकार और नमी स्तर पर भी असर पड़ा है, जिससे सरकारी खरीद में दिक्कतें आ रही हैं।

अब केंद्र की टीमों की रिपोर्ट पर ही यह निर्भर करेगा कि पंजाब में भी राजस्थान की तरह खरीद मानकों में ढील दी जाएगी या नहीं। अन्य राज्यों को भी मानकों में छूट का इंतजार है। 

Subscribe here to get interesting stuff and updates!