अप्रैल में बेरोजगारी दर बढ़कर 5.2 प्रतिशत, ग्रामीण बेरोजगारी में लगातार वृद्धि; श्रम बल भागीदारी दर भी घटी

अप्रैल 2026 में देश की बेरोजगारी दर बढ़कर 5.2 प्रतिशत हो गई। लगातार दूसरे महीने इसमें वृद्धि दर्ज हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी और श्रम बल भागीदारी दर दोनों में चिंताजनक बदलाव देखने को मिला। महिलाओं और ग्रामीण पुरुषों में रोजगार संकट अधिक गहराता दिख रहा है, जबकि शहरी क्षेत्रों में मामूली सुधार दर्ज हुआ।

अप्रैल में बेरोजगारी दर बढ़कर 5.2 प्रतिशत, ग्रामीण बेरोजगारी में लगातार वृद्धि; श्रम बल भागीदारी दर भी घटी

अप्रैल 2026 में देश में बेरोजगारी दर 5.2 प्रतिशत रही है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार बेरोजगारी दर में लगातार दूसरे महीने वृद्धि हुई है। फरवरी 2026 में यह 4.9 प्रतिशत और मार्च में 5.1 प्रतिशत थी। अप्रैल 2025 में भी बेरोजगारी दर 5.1 प्रतिशत थी। खास बात यह है कि ग्रामीण क्षेत्र की बेरोजगारी दर में लगातार वृद्धि हो रही है। नवंबर और दिसंबर 2025 में यह 3.9 प्रतिशत रहने के बाद जनवरी और फरवरी 2026 में 4.2 प्रतिशत दर्ज हुई थी। मार्च में यह 4.3 प्रतिशत हो गई। अप्रैल में इसमें फिर बढ़ोतरी हुई और यह 4.6 प्रतिशत पर पहुंच गई। ग्रामीण इलाकों में यह बेरोजगारी दर सितंबर 2025 के बाद सबसे अधिक है।

15 वर्ष से अधिक उम्र के पुरुषों में बेरोजगारी दर पिछले महीने 5.1 प्रतिशत रही जो मार्च 2026 में 5 प्रतिशत और अप्रैल 2025 में 5.2 प्रतिशत थी। ग्रामीण पुरुषों में बेरोजगारी दर 4.7 प्रतिशत रही जो सितंबर 2025 के बाद सबसे अधिक है। शहरी पुरुषों की बेरोजगारी दर में थोड़ी गिरावट आई है। यह मार्च के 6.1 प्रतिशत की तुलना में अप्रैल में 5.9 प्रतिशत दर्ज हुई है।

15 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं में बेरोजगारी दर 5.4 प्रतिशत दर्ज की गई। यह मार्च में 5.3 प्रतिशत और अप्रैल 2025 में 5 प्रतिशत थी। ग्रामीण महिलाओं में बेरोजगारी दर 4.4 प्रतिशत पर पहुंच गई। यह मई 2025 के बाद सबसे अधिक है। अप्रैल 2025 में ग्रामीण महिलाओं में बेरोजगारी दर 3.9 प्रतिशत और मार्च 2026 में 4.5% थी। हालांकि शहरी महिलाओं की बेरोजगारी दर में गिरावट आई है। यह मार्च के 9 प्रतिशत की तुलना में अप्रैल में 8.5 प्रतिशत रही। अप्रैल 2025 में यह 8.7 प्रतिशत थी।

श्रम बल भागीदारी में गिरावट

अप्रैल 2026 के दौरान 15 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में श्रम बल भागीदारी दर (लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट- LFPR) 55 प्रतिशत रही है। मार्च के 55.4 प्रतिशत की तुलना में इसमें गिरावट आई है। खास बात यह है कि ग्रामीण इलाकों में श्रम बल भागीदारी दर 57.5 प्रतिशत और शहरी इलाकों में 50.1 प्रतिशत रही। अप्रैल 2025 की तुलना में भी श्रम बल भागीदारी दर में गिरावट आई है। अप्रैल 2025 में श्रम बल भागीदारी 55.6 प्रतिशत थी। तब यह ग्रामीण क्षेत्रों में 58 प्रतिशत और शहरी क्षेत्र में 50.7 प्रतिशत थी।

पिछले एक साल में सबसे अधिक श्रम बाल भागीदारी दिसंबर में थी, जब इसकी दर 56.1 प्रतिशत थी। इसमें ग्रामीण इलाकों का अहम योगदान था जहां दिसंबर 2025 में श्रम बल भागीदारी दर 59% तक पहुंच गई थी। उस महीने शहरी इलाकों में यह दर 50.2 प्रतिशत दर्ज की गई जो अप्रैल 2026 को छोड़ दें तो पिछले एक साल में सबसे कम थी।

महिलाओं में श्रम बल भागीदारी भी ग्रामीण इलाकों में अधिक है। पिछले महीने ग्रामीण इलाकों में यह दर 38.2 प्रतिशत और शहरी इलाकों में 25 प्रतिशत दर्ज की गई। कुल महिला श्रम बाल भागीदारी 33.9 प्रतिशत रही। एक साल पहले कुल महिला श्रम बल भागीदारी दर 34.2 प्रतिशत थी। ग्रामीण इलाकों में यह 38.2 प्रतिशत और शहरी इलाकों में 25.7 प्रतिशत थी।

15 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में श्रमिक और आबादी का अनुपात पिछले महीने 52.52 प्रतिशत था। यह ग्रामीण इलाकों में 54.9 प्रतिशत और शहरी इलाकों में 46.8 प्रतिशत दर्ज किया गया। एक साल पहले अप्रैल 2025 में ग्रामीण क्षेत्र में श्रमिक आबादी अनुपात 55.4 प्रतिशत और शहरी इलाकों में 47.4 प्रतिशत था। सभी वर्गों को मिलाकर यह अनुपात 52.8 प्रतिशत था।

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